Thursday, May 30, 2013

बसेरा

मेरा भी है एक बसेरा
देखूँगी मैं उस गली को
जब आएगा मेरा सवेरा

वो कसमे, वो वादे, वो रिस्ते, वो नाते
निभाना है उन सभी को
जब आएगा मेरा सवेरा

त्यौहारो की हलचल,माँ का वो आँचल
घर का वो आँगन,वो सावन का बादल
वो रंगो भरा कमरा, है बस जो मेरा
वो लड़ना झगरना, वो रूठना मानना
वो साथ किसी का, वो अकेले मे मुस्कुराना
वो रातों को जागना, वो सुबह देर से उठना
वो तड़प किसी की, वो दिल का धड़कना

लौटूँगी मैं उस गली को
जब आएगा मेरा सवेरा

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